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Monday, December 29, 2008

Technological Nuisance

अक्कल-युग 

डांट [DOT] कर जो काम [COM]करवाओ तो होता आजकल,
मेल [MAIL] से ही तो मिलन लोगो का होता आजकल।


पहले मन से और विचारो से न था जिसका गुज़र,
ढेर सारे "मैल" अबतो मिल रहे है आजकल .


कोई याहू.न की तरफ़ लपका तो कोई ''हॉट'' पर,
गू-गले [goo-gle] से भी उतरता हमने देखा आजकल.


झाड़-फूँको की जगह अब आ गया है ''ORKUT'',
फूंक के बिन आदमी जालो में फसता आजकल.


याहूँ का पहले कभी 'जगंली' मे होता था शुमार,
अब तो हर टेबल के उपर [DESKTOP]मौजूद होता आजकल्।


पहले बालिग़ [व्यस्क] होने को दरकार थे अठारह साल,
नन्हा-मुन्ना भी यहाँ होता ब्लाँगर आजकल्।


मन्सूर अली हाशमी

Friday, August 29, 2008

Delicate Hard Ware

नाज़ुक हार्ड वेअर
Hard ware?  पर नाज़ुक है बहुत, 
kid   की तरह ही संभाले रक्खो।

गर्म होता है प्रोसेसर तो बहुत,
पंखा इस पर भी झलाये रक्खो।

बोर्ड माँ[mother board] का है, ज़रा Take Care,
Memory से भी संवारे रक्खो।

धूल खाने की नही है आदत,
वातनुकूल फ़िजा में रक्खो।

p.c. ,सोरकार का नही है यह,
मैजिक डंडे  से बचाकर रक्खो।

Bill के 'गेटो' से गुज़र है इसकी,
जैब भी अपनी बचाये रक्खो।

-मन्सूर अली हशमी

Mobile Lyric

मोबाईल-दोहे

# पहले हम मिस को काँल करते थे,
   मिस[ड] अब हम को काँल आते है।
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# वो तो नम्बर ही खर्च करते है,
   हम Recharging पे नोट भरते है।
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# एक ही Ring [अंगूठी] पे साठ पार हुए,
   कईं टनो [Tones] से अब मन नही भरता।
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# नींद बे पर ही उड़ गयी दिन की,
   झोंका लगते ही थरथराते [Vibrating mode] है।
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# मिस जो हमने न काँल की होती,
   कितनी चिडियाएँ  डाल पर होती?
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# दाने अब क्यों बिखेरे बैठे हो?
   Net Work Area से बाहर हो!
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-मन्सूर अली हाशमी

Thursday, August 28, 2008

अक्कल दाढ़/WISDOM TEETH

अक्कल दाढ़

अब जो 'अक्कल की दाढ़'* आयी है,
यह blue tooth मेरे भाई है।


हो के दांतो पे यह सवार मैरे, 
virus अपने साथ लायी है।


दांत तो मुझको फ़ल खिलाते है,
यह तो मुझको ही काट खायी है।


गुप्त file की तरह खुल बैठी
michel Angelo ताई है?


Dentist कह्ते है delete करो,
यह तो अपनी नही पराई है।


मैरी संसद मे जब से आ बैठी,
'मत' अविशवास ही का लायी है।


'हाशमी' सोचते हो क्यों इतना?
यह किसी और की लुगाई है।


तर्क करदो तलाक दे डालो,
तीन लफ़्ज़ो* की तो दुहाई है।


मन्सूर अली हाशमी
*wisdom teeth
*तलाक,तलाक,तलाक

Wednesday, August 27, 2008

MODERN AGE

कल-युग !

                                      डांट [DOT] कर जो काम [COM]करवाओ तो होता आजकल,
मेल [MAIL] से ही तो मिलन लोगो का होता आजकल।


याहूँ का पहले कभी 'जगंली' मे होता था शुमार,
अब तो हर टेबल के उपर [DESKTOP] मौजूद होता आजकल्।


पहले बालिग़ [व्यस्क] होने को दरकार थे अठारह साल,
नन्हा-मुन्ना भी यहाँ होता ब्लाँगर आजकल्।

मन्सूर अली हाशमी