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Friday, May 25, 2012

ये नुस्ख़ा ज़रा आज़मा लीजिये !

ये नुस्ख़ा ज़रा आज़मा लीजिये !
दिया कम, ज़्यादा लिया कीजिये,
बचे तो 'स्विस' में जमा कीजिए.

['सुविधा जनक' थी 'स्विस' लेकिन अब-
तो 'मारिशिय्स' में जमा कीजिए.]

'नतीजे' से मतलब नहीं कुछ रहा,
अजी, आप 'फिक्सिंग' किया कीजिए.

नहीं कोई 'अध्यक्ष' मिलता अगर,
'नियम' ही नया फिर बना लीजिये.

बढ़े दाम तेलों के, घबराओ मत,
कभी सायकिल भी चला लीजिये.

जो 'टेबल के नीचे'* ही तय होना है, [* under the table]
घटा दीजिये, कुछ बढ़ा लीजिये.

अगर 'शाह' हो तो ये हंगामा क्यों ?
ज़रा 'रुख़' से पर्दा हटा लीजिये !

मिले 'मुफ्त' में ! रहम करना नहीं,
अजी, 'माल' सारा पचा लीजिये.

है बिजली की किल्लत तो पानी भी कम,
अजी, "धूप" में ही नहा लीजिये.

[है बीमार 'रूपया' सबर कीजिए,
दवा की जगह अब दुआ कीजिए.]
.--mansoor ali hashmi