T.R.P. बढ़ाने को बोटल में 'जीन' है !
पंद्रह की हो गयी है, बला की हसीन है,
पंद्रह की हो गयी है, बला की हसीन है,
Fixing पे 'काम्बली' को अभी तक यकीन है.
Message मिल रहा है हवाओं से 'Ball' को,
'पैसों' से खेलती अब 'रनों की मशीन' है.
'प्लेयर' को देर से सही आया है होश तो,
'बोर्ड' अपना, कुंभ्क्रनीय निंद्रा में लीन है.
कोहरे की ज़द में आ गया दिल्ली पहुँच के 'रथ'
'PM in Waiting' है कि यहाँ तीन-तीन है.
mansoor ali hashmi
खिलाडी भी हो रहे हैं नेताओं जैसे
ReplyDeleteक्या हसीन है मजर, क्या हसीन सीन है।
पता नहीं उन्हें, खडे हैं कहॉं,
यह उनकी नहीं, हाशमी की जमीन है।
वतन पे कुर्बान शहीदों के वारिस मुफलिसी में चुप और गमगीन हैं
ReplyDeleteलेकिन - शर्म-ओ-हया के बे-गैरत तिजारती ही यहाँ नामचीन हैं
वतन पे कुर्बान शहीदों के वारिस मुफलिसी में चुप और गमगीन हैं
ReplyDeleteलेकिन - शर्म-ओ-हया के बे-गैरत तिजारती ही यहाँ नामचीन हैं
जवाब नहीं।
ReplyDeleteवाह! बेहतरीन!
ReplyDelete@ क्रिकेट ,
ReplyDeleteउसके जनम पे बाप उसका ऐसे रो दिया
पन्द्रह बरस के वास्ते यादों को धो दिया
सिर पे जो बाल थे तो नहीं खेलता था वो
अब बाल साफ़ है सो गज़ब खेलता है वो
उसको जो आया होश सो गरियाये जा रहा
पर बोर्ड अपना भैंस सा पगुराये जा रहा
@ राजनीति ,
कोहरे की चादर में लिपटी,
फिर से वही कहानी थी
बूढ़े भारत में आई है देखो
फिर से नई जवानी सी :)