अब जो 'अक्कल की दाढ़'* आयी है,
यह blue tooth मेरे भाई है।
हो के दांतो पे यह सवार मेरे,
virus अपने साथ लायी है।
दांत तो मुझको फ़ल खिलाते है,
यह तो मुझको ही काट खायी है।
गुप्त file की तरह खुल बैथी,
michel Angelo ताई है?
Dentist कह्ते है delete करो,
यह तो अपनी नही पराई है।
मैरी संसद मे जब से आ बैठी,
'मत' अविशवास ही का लायी है।
हाशमी सोचते हो क्यों इतना?
यह किसी और की लुगाई है।
तर्क करदो तलाक दे डालो,
तीन लफ़्ज़ो* की तो दुहाई है।
मन्सूर अली हशमी
*wisdom teeth
*तलाक,तलाक,तलाक
आइए, लिनक्स सीखें हिन्दी में...
3 days ago

6 टिप्पणियाँ:
वाह! वाह! मंसूर अली जी, वाह! क्या तबीयत पाई है आप ने। मजा आ गया। हमने तो ये अक्कल दाढ़ अपने पीसी में घुसने ही नहीं दी।
वैसे इसे डिलिट करने की कहाँ जरूरत है? किसी अच्छे से एन्टीवायरस का उपयोग करें। फिर यह खूब काम करेगी। और तीन लफ्जों से काम यहाँ नहीं चलने का।
बहुत सटीक!!
Excellent poem Hashmi Ji!
Keep it up.
अब जो 'अक्कल की दाढ़'* आयी है,
यह blue tooth मेरे भाई है।
मंसूर जी, यह 'अक्कल की दाढ़' तो वाकई खतरनाक मालूम पड़ती है. :)
अब जो 'अक्कल की दाढ़'* आयी है,
यह blue tooth मेरे भाई है।
' ha ha ha ha wah, very intersting post to be read"
Regards
A great sense of humour with with presicion in expressing is a very rare thing and a valuable gift from god.
congratulations on having such a beautiful expression for technology ...
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